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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली
All India Institute Of Medical Sciences, New Delhi
कॉल सेंटर:  011-26589142

डॉ. बी. आर. अम्‍बेडकर संस्‍थान रोटरी कैंसर अस्‍पताल

प्रोफेसर जी. के. रथ

प्रमुख, डॉ. बी.आर.ए. संस्‍थान � रोटरी कैंसर अस्‍पताल

परिचय

डॉ. बी आर ए � आईआरसीएच में निम्‍नलिखित विभाग हैं

इंस्‍टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्‍पताल (डॉ. बी. आर. ए. इंस्‍टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्‍पीटल) ने 35 बिस्‍तरों और दो तलों की अवसंरचना के साथ 1983-84 में कार्य करना आरंभ किया। हाल ही में इसे 200 बिस्‍तर युक्‍त सात तल वाले भवन में परिवर्तित किया गया है। भारत के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सेंटर का 05 अक्‍टूबर 2003 में उद्घाटन किया।

इस सेंटर में अत्‍याधुनिक लीनियर एक्‍सेलेरेटर, ब्रेकीथेरेपी, स्‍टीरियोटोक्टिक रेडियोथेरेपी और इंटेन्सिटी माड्युलेटेड रेडियोथेरेपी सहित उत्‍कृष्‍ट रेडियोडायग्‍नास्टिक और रेडियोथेरेपी मशीन उपलब्‍ध हैं। वैक्‍यूम असिस्‍टेड एडवांस्‍ड मैनोग्राफी यूनिट, जो भारत में अपनी तरह की पहली यूनिट है, के कारण स्‍टीरियोटेक्टिक ब्रेस्‍ट बायोप्‍सी संभव हो सकी है। ट्रानरेक्‍टल सेक्‍सटेंट बायोप्‍सी की सहायता से प्रोस्‍टेट कैंसर का आरंभिक चरण में पता लगाया जा सकता है। यहां पर लिवर कैंसर के लिए रेडियो फ्रीक्‍वेंसी एब्‍जेशन भी शुरू किया गया है।

डॉ. बी. आर. ए. इंस्‍टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्‍पीटल देश में कुछ केंद्रों में से एक है जहां पर हीमेटोपोयटिक स्‍टेम सेल बोन मैरो ट्रांसप्‍लांट प्रोग्राम मौजूद है और अभी तक 250 से भी अधिक ट्रांसप्‍लांट किए जा चुके हैं। सीटीवीएस विभाग के सहयोग से स्‍टेम सेल ट्रांसप्‍लांट प्रोग्राम का मायोकार्डियल इस्‍केमिया का उपचार करने में भी उपयोग किया गया है।

मेडिकल ऑन्‍कोलॉजी में फिश (एफआईएसएच) और पालीमरेज चेन रिएक्‍शन (पीसीआर) के उपयोग से कैंसर रोगियों के रोग के बारे में पूर्व जानकारी देने हेतु आधुनिक तकनीकें विकसित की गई हैं। साथ ही, इस विभाग के नवाचारी अनुसंधान में घातक लीवर से हीमेटोपोयटिक साइटोकाइन्‍स को निकालने और इससे एप्‍लास्टिक एनीमिया के उपचार को दिखाया गया है। विभाग ने हमारी प्राचीन विद्वता पर भी शोध किया है और यह खोज की है कि योग, प्राणायाम, ध्‍यान और सुदर्शन क्रिया जो कि एक तालबद्ध श्‍वास प्रक्रिया है, का सम्मिश्रण मस्तिष्‍क में सकारात्‍मक परिवर्तन लाता है। ये प्रक्रियाएं शरीर के एंटीऑक्‍सीडेंट प्रतिरक्षा और प्रतिरोधी कार्यकलापों को बढाती हैं और इस प्रकार कैंसर के होने और / या इसे बढ़ने से रोकती हैं।

कैंसर के बारे में लोगों में जागरूकता उत्‍पन्‍न करने के लिए निवारणात्‍मक ऑन्‍कोलॉजी कार्यक्रम तथा आरंभिक स्‍तर पर कैंसर का पता लगाने के लिए स्‍क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू किया है
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