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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली
All India Institute Of Medical Sciences, New Delhi
कॉल सेंटर:  011-26589142

परिचय

त्‍वचा एवं रतिज रोग विज्ञान विभाग

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अंसारी नगर, नई दिल्ली

परिचय

इस विभाग की स्थापना 1950 के दशक स्वर्गीय प्रो. के सी कंधारी के नेतृत्व में और इसके पश्चात दिग्गज जैसे प्रो. एल के भूटानी (1974-1996), प्रो. जे एस पसरीचा (1996-98) और प्रो. आर के पांधी (1998-2001) ने विभाग का नेतृत्व किया। प्रोफेसर विनोद के शर्मा मई, 2001 के बाद से विभागाध्‍यक्ष रहे हैं।

प्रो. के सी कंधारी और प्रो. एल के भूटानी ने विभाग की मूलभूत आधारशिला रखी और डर्मेटोलॉजिक प्रशिक्षण मॉड्यूल की शुरूआत की, जिसे बदलती हुई आवश्‍यकताओं के अनुसार अब भी छोटे मोटे संशोधनों के साथ अपनाया जा रहा है। विभाग का आकार तब से बढ़ा है और इसने त्‍वचा रोग विज्ञान विशेषज्ञता में उल्‍लेखनीय योगदान दिया है। विभाग ने अनेक नई नवाचारी उपचार विधियां आरंभ की है जैसे डेक्‍सा मेथेसोन साइक्‍लो फॉस्‍फोमाइड पल्‍स उपचार और मौखिक मार्ग से मिनी पल्‍स और त्‍वचा की एलर्जी के रोगों के लिए अन्‍वेषणात्‍मक प्रक्रियाएं।

प्रो. विनोद के शर्मा के अधीन विभाग ने चार लेजर तथा विस्‍तारित डर्मेटो सर्जरी, फोटो थेरैपी के साधन अर्जित किए हैं और आधुनिकीकरण किया गया है तथा त्‍वचा रोग विज्ञान के लिए अनुसंधान प्रयोगशाला आरंभ की गई एवं डर्मेटोलॉजी में पी.एचडी दोबारा शुरू की गई है। संकाय को बाल त्‍वचा रोग विज्ञान और त्‍वचा विकृति विज्ञान में विशेषज्ञता का प्रशिक्षण दिया गया है।

वर्तमान में यहां 11 संकाय सदस्‍य हैं, ये 17 छात्रों को स्‍नातकोत्तर प्रशिक्षण प्रदान करते हैं तथा 8 सीनियर रेजीडेंट को अनुसंधान और प्रशिक्षण का अनुभव दिया गया है। विभाग में तीन पीएच.डी छात्र त्‍वचा रोग विज्ञान के विभिन्‍न क्षेत्रों में अनुसंधान कार्य कर रहे हैं। विभाग बुलस डर्मेटोसिस, संपर्क डर्मेटाइटिस, डर्मेटो सर्जरी और लेजर, सामान्‍य डर्मेटोलॉजी और एसटीआई में विभिन्‍न अध्‍येतावृत्तियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रदान करता है।

हर वर्ष लगभग 50,000 रोगी बाह्य रोगी विभाग में आते हैं  और लगभग 800 रोगी आंतरिक रोग विभाग में दाखिला लेते हैं तथा पल्‍स उपचार के लिए बड़ी संख्‍या में लोग आते हैं। विभाग त्‍वचा रोग विज्ञान के सभी प्रक्षेत्रों में आधुनिकतम उपचार प्रदान करता है और यहां सर्वाधिक आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

त्‍वचा और रतिज रोग विज्ञान विभाग के प्रमुख का संक्षिप्‍त परिचय

नाम : डॉ. शर्मा विनोद कुमार (ई-मेल :   यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए. )

रुचि के क्षेत्र : विटिलिगो, सोरायसिस, एलोपेसिया, कॉन्‍टेक्‍ट डर्मेटाइटिस, दवाओं के दुष्‍प्रभाव


 

 

योग्यता और अध्येतावृत्ति

एमडी त्‍वचा एवं रतिज रोग विज्ञान, एम्‍स, नई दिल्‍ली, मई 1982

एक वर्ष की "कुष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति" 1992-93

राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी (एफएएमएस) के अध्‍येता

रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन (एफआरसीपी) लंदन के अध्‍येता

अंतरराष्ट्रीय अमेरिकन त्वचा विज्ञान अकादमी के सदस्य

यूरोपीय त्वचा और रतिज रोग विज्ञान अकादमी के सदस्य

संपादकीय मंडल पत्रिकाएं

ब्रिटिश जर्नल त्वचा विज्ञान के अनुभाग संपादक

सदस्य संपादकीय बोर्ड "डर्मेटाइटिस"

 

व्याख्यान और पुरस्कार

1. त्वचा और रतिज रोग विज्ञान (1996) और कुष्ठ (1993) के लिए भारतीय परिषद चिकित्सा अनुसंधान, नई दिल्ली, भारत राष्ट्रीय पुरस्कार

2. राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी 2005 द्वारा डॉ आर.वी. राजम ओरेशन द्वारा सम्मानित किया गया

3. आईएडीवीएल,2013 द्वारा शिक्षण अनुसंधान के लिए प्रो. लालकृष्ण भूटानी स्मारक पुरस्कार

प्रकाशित पुस्‍तकें                                    4

 

1.  ''सेक्‍चुअली ट्रांसमिटिड डिजीज एण्‍ड एचआईवी / एड्स'' पहले और दूसरे संस्‍करण में मुख्‍य संपादक, जन 2009, पेज 907, वीवा बुक्‍स, नई‍ दिल्‍ली

2. ''हैंडबुक ऑफ अर्टिकेरिया'' 2008 में मुख्‍य संपादक, पहला संस्‍करण, पेज 87, मैसरी आर्ट प्रेस, नई दिल्‍ली

3. आईएडीवीएल चिकित्सकीय दिशानिर्देश : विटिलिगो, स्टीवेंस जॉनसन सिंड्रोम विषैले एपिडर्मल नेक्रोलिसिस और सोरायसिस के लिए दिशानिर्देश, 2009, आईएडीवीएल, नई दिल्‍ली, पेज 1-72

4. सोरायसिस का प्रबंधन, मैसरी आर्ट प्रेस, नई दिल्‍ली 2003, पेज 1 – 96

 

प्रकाशन

सहकर्मी की समीक्षा की पत्रिकाओं में प्रकाशन              261

पाठ्यपुस्तकों में उद्धरण                               29

पुस्तकों में अध्याय                                  12

 

 

वर्तमान अनुसंधान परियोजनाएं

क्र. सं.

परियोजना का शीर्षक

वित्तपोषित एजेंसी

 

मंजूरी की तिथि और अवधि

1.

जेनेटिक्‍स एनालाइसिस ऑफ सोरायसिस एण्‍ड सोरायसिस आर्थराइटिस इन इंडिया

एनआईएच, यूएसए

 

2010-2015

2.

इल्‍यूसिडेटिंग रोल एफओएक्‍स3 प्रोमोटर डीएनए मिथेलाइजेशन सिगमेंटल जर्नलाइज्‍ड विर्टिलिगो

डीबीटी

 

2011-2014

3.

प्रोग्राम सपोर्ट फॉर स्‍कीन पिगमेंटेशन

डीबीटी

 

2008-2013

 

त्वचा विज्ञान संघों में धारित पद

1.       त्वचा विज्ञान विशेषज्ञ, रतिजरोगविज्ञान विशेषज्ञ और कुष्‍ठ रोग विशेषज्ञ2009 के राष्ट्रीय भारतीय अध्यक्ष संघ

2.       कांग्रेस अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस त्वचा रोग विज्ञान, 2013

3.       उपाध्यक्ष, अंतराष्‍ट्रीय त्वचा रोग विज्ञान संस्‍था 2013-17

 

डाक का पता : प्रोफेसर और अध्यक्ष, त्वचा एवं रतिज रोग विज्ञान विभाग

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अंसारी नगर, नई दिल्ली-110 029, भारत

 

 

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