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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली
All India Institute Of Medical Sciences, New Delhi
कॉल सेंटर:  011-26589142

पाठ्यक्रम

 

 

 

पाठ्यक्रम

विभागद्वारा एम.सीएच. (न्यूरोसर्जरी) में न्यूरोसर्जरी में डिग्री प्रदान करने के लिए पाठ्यक्रम चलाया जाता है


अवधि

विभाग में न्यूरोसर्जरी पाठ्यक्रम की दो उप धाराएं हैं

1.  3 वर्ष का पाठ्यक्रम

2.   6 वर्ष का पाठ्यक्रम

पात्रता

 

1.    3वर्ष का पाठ्यक्रम: - प्रत्‍याशी के पास मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय सेएमएस (जनरल सर्जरी) की डिग्री होनी चाहिए। प्रवेश परीक्षा प्रत्‍येक वर्ष दिसंबर और मई में आयोजित की जाती हैं।

 

2. 6वर्ष का पाठ्यक्रम: - प्रत्‍याशी के पास मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय सेएमबीबीएस डिग्री होनी चाहिए और एक मान्यता प्राप्त अस्पताल में पूर्व पंजीकरण इंटर्नशिप (12 महीने) की अवधि में पूरी की होनी चाहिए। प्रवेश परीक्षा प्रत्‍येक मई और दिसंबर में आयोजित की जाती हैं।

 

विस्‍तृत जानकारी के लिए परीक्षा प्रकोष्ठ, एम्स से संपर्क करें

 

चयनकीप्रक्रिया

1.   3वर्ष का पाठ्यक्रम: - इस कार्यक्रम के लिए प्रत्याशी का चयन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 2 चरण वाली प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।

     चरण ।एमएस (जनरल सर्जरी) औरबेसिक न्यूरोसर्जरी के आधार पर एकाधिक विकल्प प्रश्नों की लिखित परीक्षा।चरण-II के लिए प्रत्‍याशियों की अल्‍प सूची बनाई जाती हैं।

 

चरण-II एक विभागीय साक्षात्कार किया जाता है जहां प्रत्‍याशियों को उनके नैदानिक कौशल और योग्यता का मूल्यांकनकरने के लिए परीक्षा की जाती है।

प्रत्याशी का अंतिम चयन चरण-। और ।। के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर किया गया है।

2.    6वर्ष का पाठ्यक्रम: - एमबीबीएस के बाद एम्स पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रत्‍याशियों को योग्यता के आधार पर परामर्श और चयन के लिए बुलाया जाता है।

 

पाठ्यक्रम

         3 वर्षीय शाखा कार्य में चयनित अभ्‍यर्थी विभाग में वरिष्‍ठ रेजीडेंटों के रूप में कार्य करते हैं। उन्‍हें पर्यवेक्षण में वार्डों, आईसीयू, आपातकाल के सभी नैदानिक कार्य और ऑपरेशन थिएटरों में मामलों में सहायता करनी होती है। स्‍वतंत्र सर्जिकल कार्य के लिए वर्धमान उत्तरदायित्‍व दिए जाते हैं। अभ्‍यर्थी से सभी सर्जिकल अनुभव की एक लॉग बुक बनाए रखना अप्रत्‍याशित होता है। उन्‍हें अंतिम एमसीएच परीक्षा में बैठने के लिए अर्हता प्राप्‍त करने के लिए दो शोध – निबंध (एक अग्रदर्शी और एक अनुदर्शी अध्‍ययन) लिखने होते हैं। डिग्री प्रदान करने के लिए अंतिम एमसीएच परीक्षा तीसरा वर्ष समाप्‍त होने के बाद समाप्‍त होने के बाद आयोजित होती है।

 

      6 वर्षीय एमसीएच पाठ्यक्रम में चयनित अभ्‍यर्थी कनिष्‍ठ रेजीडेंटों के रूप में प्रथम 3 वर्ष व्‍यतीत करते हैं। इस अवधि के दौरान वे क्रमावर्ती पर सामान्‍य सर्जरी में 1 वर्ष के लिए तैनात किए जाते हैं। 3 वर्ष पूर्ण करने के बाद वे अगले 3 वर्षों के लिए विभाग में वरिष्‍ठ रेजीडेंटों के रूप में कार्य करते हैं। इन तीन वर्षों के दौरान उनके उत्तरदायित्‍व वैसे ही होते हैं जैसे 3 वर्षीय शाखा के वरिष्‍ठ रेजीडेंट के होते हैं। उन्‍हें भी अंतिम एमसीएच परीक्षा में बैठने के लिए अर्हता प्राप्‍त करने के लिए दो शोध निबंध (एक अग्रदर्शी और एक अनुदर्शी अध्‍ययन) लिखने होते हैं। 6 वर्षीय शाखा के अभ्‍यर्थी 5 वर्ष समाप्‍त होने के बाद अपनी अंतिम एमसीएच परीक्षा में बैठते हैं। 6वें वर्ष के दौरान वे मुख्‍य रेजीडेंटों के रूप में विभाग में कार्य करते हैं।

 

शिक्षणकार्यक्रम

 

1.नियमित नैदानिक मामले प्रस्तुति.

2.जर्नल क्लब

3.रुग्णता और मृत्यु दर पर बैठक

4.सेमिनार

5.न्यूरो रेडियोलोजी सम्मेलन

6.न्यूरोविकृति सम्मेलन

7.शिक्षण वार्ड के दौरे

अंतिम परीक्षा

एमसीएच की डिग्री प्रदान करने के लिए अंतिम परीक्षा निम्नलिखित कदम शामिल हैं

 

1.सैद्धांतिकपरीक्षा

क. परीक्षा प्रश्‍नपत्र-1

ख. परीक्षा प्रश्‍नपत्र -2

ग.  परीक्षा प्रश्‍नपत्र -3

2.व्यावहारिक

क.न्यूरोसर्जरी आपरेशन थिएटर में ऑपरेटिव परीक्षण

ख.लंबे समय का मामला

ग. दो छोटे मामले

घ. रेडियोलॉजी मौखिक परीक्षा

ङ.  पैथोलॉजी नमूनों पर मौखिक परीक्षा

च. अंतिम मौखिक परीक्षा

 

 

 

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