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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली
All India Institute Of Medical Sciences, New Delhi
कॉल सेंटर:  011-26589142

ग्लूकोमा और बाल चिकित्सा मोतियाबिंद

ग्लूकोमा और बाल चिकित्सा मोतियाबिंद

आचार्य रमनजीत सिहोटा                                  (आचार्य एवं यूनिट प्रमुख)

आचार्य तनुज दादा

आचार्य रोहित सक्सेना

आचार्य विनी गुप्ता

डॉ. शिखा गुप्ता

डॉ. देवांग अंगमो

अनुभाग IV मोतियाबिंद, भेंगापन और तंत्रिका नेत्र विज्ञान की विशेषज्ञता के लिए उत्तरदायी है।

यहाँ एक अत्याधुनिक ग्लूकोमा सुविधा है जिसमें सबसे उत्कृष्ट अनुसंधान तथा नैदानिक उद्देश्यों के लिए नवीनतम उपकरण जैसे स्वैप्ट सोर्स ओसीटी, एचआरटी, जीडीएक्सवीसीसी, यूबीएम और एएसओसीटी शामिल हैं। रोगियों की एक बड़ी संख्या हमें मानक शल्य चिकित्सा तकनीकों और विभिन्न सर्जिकल संशोधनों पर दीर्घकालिक परिणाम हेतु अध्ययन करने की अनुमति देती है जो सामान्य रूप से हमारे ज्ञान और रोग को पहचानने की क्षमता को भी बढ़ाती है। शल्य चिकित्सा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए इल्यूमिनेटेड माइक्रोकैथेटर द्वारा सहायित ट्राबेकुलोटोमी का प्रयोग जन्मजात ग्लूकोमा में किया जा रहा है।

ग्लूकोमा के क्षेत्र में, प्राइमरी एंगल ग्लूकोमा, जन्मजात और किशोरावस्था के ग्लूकोमा के उपचार में कई शोध किए जा रहे हैं। ग्लूकोमा के अधिकांश रूपों के आनुवंशिक प्रभावों के साथ-साथ ग्लूकोमा के रोगजन्यता में शामिल संभावित बायोमार्कर्स के आनुवांशिक प्रभावों पर महत्वपूर्ण कार्य जारी हैं। किशोरावस्था के ग्लूकोमा में आनुवांशिक पैटर्न पर 300 से अधिक रोगियों के एक बड़े समूह में जटिल पृथक्करण विश्लेषण की सहायता से दुनिया में पहली बार विस्तारपूर्वक  कार्य किया गया है। उत्कृष्ट प्रकार के नैदानिक शोध के साथ रोगियों की गुणवत्ता देखभाल प्रदान करने पर भी जोर दिया जाता है।

 

एम्स, नई दिल्ली का डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र स्ट्रैबिस्मस और न्यूरो-ओप्थाल्मोलॉजी संबंधी विशिष्ट सेवाएं प्रदान करता है जिसमें ऑप्टिक तंत्रिका, डबल विज़न, क्षेत्र असामान्यता, आंखों के विकास संबंधी विचलन, असामान्य ओक्युलर गति, केवल कुछ महत्वपूर्ण नाम हैं। नेत्र विज्ञान के इस विभाजन में नेत्र विज्ञान, न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र शामिल हैं और इसलिए केंद्र में इससे जुड़े विभिन्न प्रकार के मरीजों की देखभाल की जा रही है।

ऑप्टिकल कोऑरेंस टोमोग्राफी का उपयोग पार्किंसंस रोग, अल्जाइमर रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस इत्यादि के रोगियों में आरएनएफएल और आरजीसीएल-आईपीएल विकारों में शुरुआती परिवर्तनों का पता लगाने के लिए किया जा रहा है, जो इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल प्रयोगशाला ऑप्टिक तंत्रिका में संरचनात्मक परिवर्तनों के साथ पुष्टि करने के लिए दृश्य चालित प्रतिक्रियाओं (फ्लैश और पैटर्न) और इलेक्ट्रोरेटिनोग्राफी (स्कॉप्लिक, फोटोपिक, पैटर्न, मल्टीफोकल) का परीक्षण करने के लिए समर्थन प्रदान करती है। गैर-धमनीय इस्किमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी (एनएआईओएन) और वंशानुगत ऑप्टिक न्यूरोपैथीज की आनुवंशिकी हेतु नवीनतम उपचार का मूल्यांकन करने के लिए बहुआयामी अध्ययन संचालित किए जा रहे हैं।

विभाग के शोध ने इंटरमीटेंट डाइवर्जेंट स्ट्रैबिस्मस में शल्य चिकित्सा के दूरगामी परिणामों का मूल्याँकन किया है और सर्जरी के लिए उपयुक्त समयसीमा की सिफारिश की है। इसका लक्ष्य मुख्य रूप से मोटर-अलाइनिंग सर्जरी से स्टीरियोप्सिस-प्रिजर्विंग सर्जरी तथा तदोपरांत इसे स्ट्रैबिस्मस सर्जरी में परिवर्तित करना है। निस्टेग्मस हेतु अत्याधुनिक सर्जरी प्रदान करने के अलावा ड्यूने के रिट्रैक्शन सिंड्रोम, ब्राउन सिंड्रोम, थर्ड क्रैनियल नर्व पाल्सी (लेटरल रेक्टुस से मिडियल रेक्टस ट्रांसपोज़शन, पेरीओस्टियल एंकर) आदि के जटिल स्प्रैबिस्मस सिंड्रोम का निदान और उपचार करने के लिए उन्नत अवधारणाओं और तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, तथा इंफैंटाइल के प्रबंधन के लिए मेडिकल थेरेपी को प्रबंधित किया जा रहा है। इडियोपैथिक इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन (आईआईएच) के कारण पेपिल्डमा के मामलों में ऑप्टिक नर्व शीथ फेनेस्ट्रेशन सफलतापूर्वक किया जा रहा है, जिसमें मुख्य लक्षण सिरदर्द के बजाए तेज़ और/या प्रगतिशील तौर पर दृष्टि की हानि है।

स्कूली बच्चों में मायोपिया होने तथा इसकी रोकथाम के लिए एट्रोपिन का मूल्यांकन करने वाले चिकित्सीय परीक्षण किए जा रहे हैं। दृश्य उत्तेजना के दौरान एंबलीओप्स की ट्रैक्टोग्राफी और कार्यात्मक एमआरआई इमेजिंग का उपयोग किया जा रहा है। अध्ययन से पता चला है कि ऑक्लूजन थेरेपी विजुअल कोरटेक्स के रक्त ऑक्सीजन सक्रियण में सुधार करने में मदद करता है और यह ओक्लूशन थेरेपी के बाद दृश्य परिणामों को समझने में भी सहायता कर सकता है।

यह विभाग बहुत कमजोर दृष्टि वाले मरीजों को अल्‍प दृष्टि सहायक उपकरण प्रदान करता है और ऐसे मामलों के उचित प्रबंधन के लिए अल्‍प दृष्टि और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया है। अल्‍प दृष्टि सहायक उपकरणों को गरीबों को मुफ्त में प्रदान किया जा रहा है।

 

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